मौखिक कथा वाचन लगभग विश्व के हर राष्ट्र में सदियों से चलता आया है और प्राचीन धार्मिक, नैतिक, और मौलिक कथायें लगभग हर समाज में प्रेरणा के स्रोत के रूप में रही हैं।
इस संकलन में प्रस्तुत कथायें भारतीय समाज के अलग अलग समय और वर्गों से ली गयी हैं और प्रत्येक कथा साहित्य का एक अनमोल रत्न है ।
प्रेरणा कथाएं: भाग एक
Copyright
भूमिका
दो हीरे
लगन का फल
अच्छी बुरी बातें
अच्छी बुरी संगत
अधिकारों का दुरुपयोग
अन्धविश्वास का प्रारम्भ
अपना अपना स्वार्थ
अपना जीवन बनाएँ
अपनी कीमत पहचानिये
अपनी धुन में रह्ता हूँ
अपने रूप से सन्तुष्ट रहो
अवसर को पहचानो
ऊंची सोच
एक घन्टे की कीमत
एक दूसरे का सहारा बनिए
कर्तव्य को प्रधान मानो
कर्म प्रधान मानो
कल करे सो आज कर
क्रोध को जीतो
चिड़िया और बन्दर